Thursday, 7 January 2021

आखिर क्यों नहीं आ रहे ब्रिटेन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन गणतंत्र दिवस पर भारत?

हमारे देश में सदियों से अपने अतिथियों को भगवान का दर्जा मिला और आज भी यह परंपरा चली आ रही है जब हमारे देश अंग्रेजों का गुलाम था उसके बावजूद भी यह परंपरा चलती रही फिर जब हम जैसे ही अंग्रेजो की गुलामी से मुक्त तो उसके बाद से देश में एक नई पहल चालू की गई थी कि हर गणतंत्र दिवस पर किसी देश के राष्ट्रीय प्रमुख को गणतंत्र दिवस का अतिथि बना कर अपने देश आने का न्योता दिया जाएगा और वह परंपरा आज भी चली आ रही है हर साल की तरह इस साल भी हमारे देश अतिथि के रूप में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को अतिथि के रूप में नरेंद्र मोदी जी ने आमंत्रित किया प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन आमंत्रण को स्वीकार कर आने पर हामी भरी यह न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दिसंबर में बोरिस जॉनसन को दिया था जैसे ही ब्रिटेन प्रधानमंत्री ने हामी भरी तो हमारे देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर में खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह दौरा ब्रिटेन और भारत के लिए एक नए युग की शुरुआत होगा
                  लेकिन कुछ कारणवश ब्रिटेन प्रधानमंत्री ने अचानक मोदी जी को कॉल करके जानकारी दी कि वह गणतंत्र दिवस के समारोह पर आने में असमर्थ हैं आइए जानते हैं कि आखिर किस वजह से नहीं आ पा रहे ब्रिटेन प्रधानमंत्री भारत-
         ब्रिटेन प्रधानमंत्री डोरस जॉनसन ने मोदी जी को कॉल करके जानकारी दी कि ब्रिटेन में नया कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है और जिसके चलते लॉकडाउन करना पड़ा और यह भी कहा कि फरवरी के मध्य तक नया नेशनल लॉक डाउन करने की तैयारी है इस स्थिति में विदेश के नागरिकों को छोड़कर जाना सही नहीं समझते इसलिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर आने से मना किया 
इतिहास -  सबसे पहले यह पहल 1950 में चालू की गई जब उसके समय इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो देश के पहले अतिथि बन कर भारत आए तब से लेकर आज तक यह परम्परा चलती आ रही है बस 1952,1953 व 1966 में किसी भी देश के राष्ट्रप्रमुख को नहीं बुलाया गया .

      

Wednesday, 6 January 2021

आइए जानते हैं देश के नए संसद भवन के बारे में यह कब तक बनेगा और इसे कौन बनाएगा

आप सभी ने यह सुना तो होगा जरूर कि देश में जल्द ही नया संसद भवन बनने जा रहा है और इसके साथ साथ ही उसके आसपास के पुराने भवनों का भी  पुनः उद्धार होना है आइए जानते हैं इस सारे प्रोजेक्ट को कैसे और कब तक पूरा किया जाएगा 
        सबसे पहले  आपन जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में जिस प्रोजेक्ट के तहत नए संसद भवन के साथ-साथ और भी बहुत से आसपास के भवनों का पुनरुद्धार होना है जो सेंट्रल बिस्टा प्रोजेक्ट के अंतर्गत होगा


आइए जानते हैं आखिर सेंट्रल डिस्टर्ब प्रोजेक्ट है क्या 

दिल्ली के राजपथ के दोनों तरफ के इलाके को सेंट्रल विस्टा कहा जाता है इसके तहत राष्ट्रपति भवन,संसद भवन, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, उप राष्ट्रपति भवन आता है

नेशनल म्यूजियम इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स ,उद्योग भवन, बीकानेर हाउस ,हैदराबाद हाउस निर्माण भवन ,जवाहर भवन भी इसी का हिस्सा है और इस सेंट्रल विस्टा री डेवलपमेंट प्रोजेक्ट इस पूरे इलाके को रिनोवेट करने की योजना है इसकी लागत 20 हजार करोड़ के आसपास बताई जा रही है 


अब जानते हैं नए संसद भवन के बारे में

                     हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 10 दिसंबर 2020 को नए संसद भवन की आधारशिला रखी इस भवन का निर्माण सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट के अंतर्गत किया जाएगा और इसका निर्माण जुलाई 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है नई संसद भवन का आकार त्रिभुजाकार होगा व 4 मंजिला होगा नये संसद भवन में लोकसभा के लिए 888 तथा राज्यसभा के लिए 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी तथा संयुक्त सत्र के समय लोक सभा कक्ष में 1224 सदस्य एक साथ बैठते हैं  

क्षेत्रफल-64500 वर्ग फीट
डिजाइन - HCP डिजाइन और प्लैनिंग  
डिजाइनर -विमल पटेल
कांटेक्ट -टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड को (861.90 करोड़) 

जबकि देखा जाए तो पुरानी संसद भवन का निर्माण 1912-13 से शुरू होकर 1927 में इसे पूर्ण रूप से चालू कर दिया गया था और
इसका डिजाइन सर एडविन लुटियन ने तैयार किया था उस समय संसद भवन को बनाने में 83 लाख रुपए खर्च किए गए थे

आइए अब जानते हैं संसद भवन के संवैधानिक तथ्य

भारत में "संसदीय शासन व्यवस्था" ब्रिटेन से ली गई है और इसके गठन का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 79 से लिया गया है संसद के दोनों सदन में से राज्यसभा का गठन अनुच्छेद -80 से व लोकसभा का गठन अनुच्छेद -81 में प्रावधान दिया गया है वर्तमान में लोकसभा सदस्यों की संख्या 545 तथा राज्यसभा में सदस्यों की संख्या 245 है वर्तमान में संसद के दो साधन है लोकसभा और राज्यसभा तथा संसद के तीन अंग है राष्ट्रपति राज्यसभा और लोकसभा लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल क्रमशः 5 वा 6 वर्ष होता है तथा इनकी आयु क्रमशः 25 वा 30वर्ष होनी चाहिए

Monday, 14 December 2020

Freelancer Work From Home

 

What is a Freelancer?

A person who works or pursues a career without a long term contract with any particular employer is a freelancer. He offers services to get paid without permanent affiliation with his clients. A freelancer may perform tasks for several employers, clients or customers at any given time frame. Some freelancers work with written contracts but more often are not necessary. Others would settle for verbal agreements with their clients.




When do you call someone a freelancer? Who is considered a freelancer?

A person who works or pursues a career without a long term contract with any particular employer is a freelancer. He offers services to get paid without permanent affiliation with his clients. A freelancer may perform tasks for several employers, clients or customers at any given time frame. Some freelancers work with written contracts but more often are not necessary. Others would settle for verbal agreements with their clients.

If you are a freelancer you may work part time or full time. You cannot consider yourself to be an employee because you work for an employer without benefits, health insurance, paid holidays, bonuses and other benefits that a regular employee is entitled to. There is no limit to working hours which always extend beyond the regular schedules.

Some freelancers work for the same client for an extended period likely because their works are good enough for the clients’ interests. They are called “permalancers”; with full time work as a regular employee but without the benefits of one.

Payments vary according to the settled terms of agreement between the client and the freelancer. It is possible for a client to pay per hour, per day, or per project. For example, a writer can charge a fee per page of what he writes. You can demand for a deposit from customers and sometimes provide customers with job estimates.

Areas of work: There are countless of fields and areas which can showcase a freelancer’s skill and talent. Here are some:
 

  • Journalism
  • Book publishing
  • Writing
  • Editing
  • Copyediting
  • Proofreading
  • Indexing
  • Copywriting
  • Computer Programming
  • Graphic design
  • Business consulting
  • Translating
  • Language teaching and translation
  • Secretarial

The common areas for freelancers are software development, website design and development, advertising and Information technology. A substantial career is waiting for designers, bloggers and social media experts. Areas that have skills shortages prefer outsourcing freelancers’ services and they benefit from their input. Freelancers often occupy media roles.

Freelancing
is basically an optimistic work even in an economic downturn. Most people come to web work because they have no other choices. Somebody may have been transferred to a remote working area at his present job or an existing contract is about to finish and finding another full time job isn’t easy. One must be able to define his capabilities and weaknesses before diving into this kind of business. 

As you go along you can choose the projects and revolve around the area of your expertise. As the prefix says ‘free’ you manage your own time, type and place of work which makes freelancing a very appealing field of work.

Here are some helpful websites for both freelancers and clients:


  • www.freelancer.in
  • Odesk.com
  • www.fiverr.com
  • www.upwork.com
  • www.guru.com

 

Sunday, 4 October 2020

atal surang (अटल सुरंग)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 03 अक्टूबर 2020 को हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल सुरंग (Atal Tunnel) का उद्घाटन किया. अटल सुरंग दुनिया की सबसे लंबी राज
मार्ग सुरंग है. इस सुरंग के कारण मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय भी चार से पांच घंटे कम हो जाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया की सबसे लंबी हाइवे टनल 'अटल सुरंग' का उद्घाटन किया है. अब यह टनल आम लोगों की आवाजाही के लिए खुल जाएगी. इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जय राम ठाकुर भी मौजूद रहे. यह सुरंग भारत और चीन की सीमा से ज्‍यादा दूर नहीं है इसलिए रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम है.

प्रधानमंत्री ने क्‍या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सिर्फ अटल जी का ही सपना नहीं पूरा हुआ है, आज हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का भी दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है. मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज अटल टनल के लोकार्पण का अवसर मिला है.

अटल सुरंग के बारे में
अटल सुरंग दुनिया में सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है. 9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग मनाली को वर्ष भर लाहौल स्पीति घाटी से जोड़े रखेगी. पहले घाटी करीब छह महीने तक भारी बर्फबारी के कारण शेष हिस्से से कटी रहती थी. हिमालय के पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच अत्याधुनिक विशिष्टताओं के साथ समुद्र तल से लगभग तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर सुरंग को बनाया गया है.

अटल सुरंग का दक्षिणी पोर्टल मनाली से 25 किलोमीटर की दूरी पर 3,060 मीटर की ऊंचाई पर बना है, जबकि उत्तरी पोर्टल 3,071 मीटर की ऊंचाई पर लाहौल घाटी में तेलिंग, सीसू गांव के नजदीक स्थित है. अटल सुरंग का डिजाइन प्रतिदिन तीन हजार कारों और 1500 ट्रकों के लिए तैयार किया गया है जिसमें वाहनों की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे होगी.

वाजपेयी सरकार में रखी गई थी नींव
वाजपेयी सरकार ने रोहतांग दर्रे के नीचे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग का निर्माण कराने का निर्णय किया था. सुरंग के दक्षिणी पोर्टल पर संपर्क मार्ग की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी. मोदी सरकार ने दिसंबर 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान में सुरंग का नाम अटल सुरंग रखने का निर्णय किया था.

MS Dhoni retirement

भारत के दिग्‍गज विकेटकीपर बल्‍लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. उन्‍होंने आर्मी अंदाज में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करके इसकी घोषणा की. धोनी ने अपने पूरे सफर का एक वीडियो शेयर किया. अब भारतीय क्रिकेट टीम के लिए धोनी खेलते हुए नहीं दिखाई देंगे. हालांकि एमएस धोनी आईपीएल खेलते रहेंगे
 
.
महेंद्र सिंह धोनी ने इंस्टाग्राम में पोस्ट कर खुद के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का घोषणा किया है. अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में एमएस धोनी ने लिखा है, 'आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए बहुत धन्यवाद. आज शाम 7.29 बजे के बाद से मुझे रिटायर समझा जाए.' अपने इस पोस्ट के साथ ही धोनी ने एक वीडियो भी शेयर किया है.

आईसीसी की तीनों ट्रॉफी जीतने वाले दुनिया के एक मात्र खिलाड़ी एमएस धोनी ही है जिन्होंने तीनों ट्रॉफी जीती और साथ ही इंडियन क्रिकेट को बहुत ऊपर उठाया है 

 
 आईपीएल खेलते रहेंगे
 
धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा है, मगर वह आईपीएल खेलते रहेंगे. कुछ दिन पहले ही चेन्‍नई सुपर किंग्‍स के सीईओ ने कहा था कि धोनी आईपीएल साल साल 2020 और 2021 आईपीएल खेलते रहेंगे और जहां तक होगा साल 2022 में भी नजर आएंगे.

टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके थे
 
एमएस धोनी टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास का घोषणा कर चुके थे. हालांकि वनडे और टी-20 में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने हुए थे. लेकिन अब धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को दिन में ही धोनी ने संन्यास की चिट्ठी लिख दी थी. धोनी क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के कप्तान भी रह चुके हैं.


सौरव गांगुली ने क्या कहा?
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेने के बाद इसे एक युग का अंत बताया है. वहीं धोनी के रिटायरमेंट के बाद सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त की है.

साल 2011 का विश्व कप दिलाया
 
महेंद्र सिंह धोनी विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर जाने जाते हैं. धोनी सबसे सफल भारतीय विकेटकीपर भी हैं. उन्होंने टेस्ट में 294, वनडे में 444 और टी-20 में 91 शिकार अपने नाम किए हैं. इसके अतिरिक्त अपनी कप्तानी में धोनी ने भारत को क्रिकेट में साल 2011 में फिर से विश्व विजेता भी बनाया था.
 
इसके अतिरिक्त साल 2007 में धोनी की कप्तानी में ही टीम इंडिया ने टी20 विश्वकप अपने नाम किया था.


धोनी: एक नजर में
 
एमएस धोनी ने साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी. धोनी ने अब तक 90 टेस्ट मैच खेले हैं. इसके अलावा 350 एकदिवसीय और 98 टी-20 मुकाबलों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है. टेस्ट मैचों में धोनी ने 6 शतक लगाए हैं तो वहीं वनडे में धोनी के नाम 10 शतक दर्ज हैं.

 
धोनी एक आक्रामक सीधे हाथ के बल्लेबाज और विकेट-कीपर रहे हैं.  धोनी उन विकेटकीपर्स में से एक है. जिन्होंने जूनियर व भारत के ए क्रिकेट टीम से चलकर राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाया. धोनी, अपने दोस्तों में माही के नाम से जाने जाते हैं. धोनी ज्यादातर बैकफ़ुट में खेलने और मज़बूत बॉटम हैंड ग्रिप होने के वजह से जाने जाते रहे हैं.

धोनी का आखिरी मैच
 
धोनी ने आखिरी इंटरनेशनल मैच पिछले  साल में जुलाई को न्‍यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्‍ड का सेमीफाइनल खेला था. टेस्ट मैचों में धोनी ने 6 शतक लगाए हैं तो वहीं वनडे में धोनी के नाम 10 शतक दर्ज हैं. विश्व कप के बाद एमएस धोनी ने सैन्य ट्रेनिंग में भी हिस्सा लिया था. ट्रेनिंग के दौरान भी एमएस को लेकर लगातार चर्चा होती रही कि माही टी20 वर्ल्ड कप में खेलेंगे या नहीं.

 फिल्डिंग सजाने में भी कोई धोनी से सीखे क्युकी इनका दिमाग हर प्लयेर के लिए अलग अलग तरह से फिल्डिंग सजाने में चलता था बो हर खिलाड़ी के लिए अलग अलग प्लान बनते थे और उनको शांत रह कर ही ये सब कुछ करने में माहिर थे। अब गेदबाज से केसे बॉलिंग करवानी है ये भी कोई माही से सीखे क्युकी किसी बॉलर से उसका 100% लेना बो सिर्फ और सिर्फ धोनी ही कर सकते है।

 
पुरस्कार-सम्मान
 

महेंद्र सिंह धोनी पद्म भूषण, पद्म श्री और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित क्रिकेट खिलाड़ी हैं. वे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारत के सबसे सफल एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान रह चुके हैं.

 
सेना से लगाव को देखते हुए आर्मी ने उन्हें मानद लेफ्टिनेंट कर्नल का ओहदा दिया. उन्हें विस्डन की सर्वप्रथम ड्रीम टीम में कप्तान चुना गया था.
 

स्टंपिंग करने में उनका कोई जवाब नहीं था यदि खिलाडी जो बैटिंग कर रहा है और उसको पता है कि पीछे एमएस धोनी है तो उसको अपने पर उठने के लिए भी सोचना पढ़ता था क्युकी धोनी किसी खिलाड़ी को चांद सेकंड में आउट कर देते थे विश्व के सबसे कम समय में स्टंपिंग करने के सारे रिकॉर्ड एमएस धोनी के नाम ही है

Monday, 10 August 2020

सोने के दाम बढने के कारण gold price increase

एक समय था जब भारत को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था लेकिन सच तो यह है कि भारत आज भी सोने की चिड़िया है क्योंकि यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोगकर्ता देश है.

 
भारत के घरों और धार्मिक संस्थानों के पास इतना अधिक सोना रखा है कि किसी भी देश के लिए इर्ष्या का विषय हो सकता है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, भारत के घरों में 24 हजार टन से लेकर 25 हजार टन के बीच सोना रखा है. इसमें भारत के धार्मिक संस्थानों में रखा गया सोना नहीं जोड़ा गया है. 
तिरुअनंतपुरम में श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के पास पास 22 अरब डॉलर का सोना है. अगर भारत के सभी मंदिरों की बात करें तो इनमें 4000 टन सोना रखा है. भारत के केन्द्रीय बैंक RBI ने वित्त वर्ष 2019-20 में 40.45 तन सोना खरीदा था जिससे अब इसके पास कुल 653 टन सोना रिज़र्व हो चुका है.

 
आइये इस लेख में जानते हैं कि भारत में सोने की कीमत में इतनी वृद्धि क्यों हो रही है?

भारत में कोरोना महामारी के कारण सोने की मांग वित्त वर्ष 2020 की जनवरी से मार्च तिमाही के बीच 36% तक गिरकर केवल 101.9 टन रह गयी है जो कि 2019 में इसी समयवधि में 159 टन थी.

मार्च 2020 में सोने की कीमत 42,200 प्रति दस ग्राम थी जो कि जुलाई 2020 में बढ़कर 52000 प्रति दस ग्राम के पार पहुँच चुकी है.

जुलाई 2020 में चेन्नई में सोने की 24 कैरेट सोने की कीमत 53,490 रूपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गयी है. इसके अलावा भी देश के लगभग सभी बड़े शहरों में सोने की कीमत 50 हजार प्रति 10 ग्राम से ऊपर चल रही है.

अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि अब भारत में सोने की कीमत क्यों बढ़ रही है.
 
1.सुरक्षित निवेश का साधन:ऐसा देख जाता है है कि जब सेंसेक्स गिरता है तो सोने की कीमत बढ़ने लगती है.इसका कारण यह है कि लोगों को शेयर बाजार की अनिश्चितता पर भरोसा नही रहता है और वो सुरक्षित निवेश का साधन खोजते हैं.

सोने में निवेश करना सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसके दामों में एकदम बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं होता है और यह एक फिक्स रिटर्न देता रहता है.

2.कम ब्याज दर: देश में ज्यादातर जमा योजनाओं जैसे बचत पत्र, बैंकों में बचत खाता,फिक्स्ड डिपाजिट, कर्मचारी भविष्य निधि इत्यादि पर बहुत घट गयी है. इसलिए लोग इन निवेश के साधनों से पैसा निकालकर सोना खरीद रहे हैं जिससे सोने की मांग बढ़ रही है और उसके दाम भी.

3.परम्परागत मांग: भारत में शायद ही ऐसी कोई शादी हो जिसमें सोने की मांग ना होती हो.लोगों के मन में बाजार को लेकर काफी अनिश्चितता है इसलिए लोग रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल का गिफ्ट देने की बजाय शादी में गोल्ड को बेहतर बिकल्प मान रहे हैं.

चूंकि रियल एस्टेट और गाड़ी के लिए काफी रुपयों की जरूरत होती है और लोगों को लम्बे समय तक EMI देनी होती है जो कि ‘नौकरी की अनिश्चितता’ के कारण, अच्छा निर्णय नहीं होगा.
i
4.महंगाई का फर्क नही पड़ता है: सोना हमेशा में बढती हुई इन्फ्लेशन के समय सबसे सुरक्षित साधन माना जाता है. अर्थात इस पर इन्फ्लेशन का असर नही पड़ता है. कोविड 19 के कारण कई चीजों के दाम बढ़ गये हैं जिससे लोगों को यह आशंका है कि भविष्य में महंगाई बढ़ सकती है, इसलिए सोने में निवेश करो.

5.सोना, किसी तरह की लायबिलिटी नहीं बढाता है, हाइली लिक्विड होता है, एक रिज़र्व संपत्ति होता है, स्टेटस सिंबल माना जाता है. इन्हीं कारणों से इसकी मांग हमेशा बढती है.

इस प्रकार स्पष्ट है कि सोने की कीमतों में वृद्धि के लिए अनिश्चित बाजार, घटती बाजार ब्याज दर और सुरक्षित निवेश का साधन है. उम्मीद है कि आप सोने के दामों में वृद्धि के जरूरी कारणों को जान गए होंगे.

Wednesday, 5 August 2020

ram mandir ayodhya

राम मंदिर ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए हो रहे भूमि पूजन के पहले मंदिर की प्रस्तावित तस्वीरें जारी की हैं. अयोध्या का राम मंदिर बनने के बाद कुछ ऐसा ही दिखेगा. इसके लिए अयोध्या में रामजन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण से पहले यहां भूमि पूजन का बड़ा कार्यक्रम हो चुका है, जहां मंदिर का शिलान्यास होना है.

 
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, अयोध्या के हर कोने से यह मंदिर दिखेगा. साल 1989 में राम मंदिर का मॉडल बनाया गया था. जिसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बदलाव किया है. यह मंदिर साढ़े तीन साल में बनकर तैयार होगा. राम मंदिर का नक्शा तैयार करने वाले चीफ आर्किटेक्ट सोमपुरा के बेटे निखिल सोमपुरा ने बताया कि मंदिर के पास 70 एकड़ जमीन होगी. 65 एकड़ की जमीन पर मंदिर परिसर का विस्तार किया जाएगा.



रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में एक दिन में एक लाख राम भक्त पहुंच सकेंगे. इसी को ध्यान में रखकर मंदिर के मॉडल में बदलाव किया गया है. पहले मंदिर में दो गुबंद बनने थे. मूल मॉडल में बिना परिवर्तन किए इन्हें पांच कर दिया है.



गर्भगृह से 200 फीट नीचे की मिट्टी का परीक्षण किया गया था. जिस जगह मिट्टी मंदिर का भार (वजन) सहने में कमजोर मिलेगी, उसके आगे तक मंदिर के आधार का प्लेटफार्म बढ़ाया जाएगा. मंदिर में सिंहद्वार, रंग मंडप, नृत्य मंडल, पूजा कक्ष और गर्भगृह के ऊपर पांचों गुंबद बनेंगे. शिलापूजन के बाद मशीनें लगाकर नींव खुदाई का काम शुरू हो जाएगा.



मंदिर के फर्श में संगमरमर लगाया जाएगा. यह मंदिर लगभग 318 पिलर पर खड़ा होगा. पूरे मंदिर के निर्माण में करीब 1.75 लाख घन फीट पत्थर की जरूरत बताई गई थी. मंदिर के नींव के प्लेटफार्म को तैयार करने में तीन-चार महीने लग सकते हैं.



यह नागर शैली में बना अष्टकोणीय मंदिर होगा. इसमें भगवान राम की मूर्ति और राम दरबार होगा. मुख्य मंदिर के आगे-पीछे सीता माता, लक्ष्मण, भरत और भगवान गणेश के मंदिर होंगे. मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि न्यास और विश्व हिन्दू परिषद की तरफ से पत्थरों को मंगाने और तराशने का काम सितंबर 1990 में शुरू किया गया था.

Saturday, 20 June 2020

Surya Grahan

Surya Grahan 2020: साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगेगा. इस बार सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) कोरोना काल (Covid-19) में पड़ रहा है. इस बार 21 जून को लगने जा रहा सूर्यग्रहण का नजारा काफी साल बाद दिखेगा. इस ग्रहण के दौरान वलयाकार (एन्यूलर)  स्थिति की अवधि 30 सेकेंड तक ही रहने के कारण सौर वैज्ञानिक इसे दुर्लभ सूर्यग्रहण मान रहे हैं. तब सूर्य एक छल्ले की तरह नजर आएगा.
 

इस साल चंद्र ग्रहण के बाद सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. साल का पहला ग्रहण 5 जून को लगा था. विशेष बात ये है कि 5 जून से लेकर 5 जूलाई 2020 तक तीन ग्रहण लग रहे हैं. 21 जून 2020 को सूर्य ग्रहण लग रहा है. इसके बाद 5 जुलाई को पुन: चंद्र ग्रहण लग रहा है.

वलयाकार होगा ग्रहण
साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगने जा रहा है. खास बात ये हैं कि ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा जिसमें चंद्रमा सूर्य का करीब 98.8 प्रतिशत भाग ढक देगा.

 

साल का सबसे बड़ा दिन
ये साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा. सदी का दूसरा ऐसा सूर्य ग्रहण है, जो 21 जून को हो रहा है. इससे पहले 2001 में 21 जून को सूर्य ग्रहण हुआ था.

सूर्य ग्रहण का समय
भारतीय मानक समयानुसार, सूर्य ग्रहण 21 जून 2020 को सुबह 09 बजकर 15 मिनट पर लगेगा और शाम 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा. पूर्ण ग्रहण को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर देखा जा सकेगा.

सूर्य ग्रहण यहां से देखा जा सकेगा
21 जून को पड़ने वाले इस वार्षिक सूर्य ग्रहण को अफ्रीका के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा. अफ्रीका में ये सेंट्रल रिपब्लिक, कांगो और इथोपिया में देखा जा सकेगा. इसके अतिरिक्त यह सूर्य ग्रहण पाकिस्तान के दक्षिण भाग में, उत्तरी भारत और चीन में देखा जा सकेगा.

 

सूर्य ग्रहण के दौरान इन बातों का ध्‍यान रखें
जब भी सूर्य ग्रहण लगे तो इसे सीधे यानी कि नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए. ऐसा करने से सूर्य से निकलने वाले हानिकारक किरणें आपकी आंखों को काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं. यदि कोई भी व्यक्ति सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) देखना चाहता हैं तो सोलर फिल्टर वाले चश्मों का इस्तेमाल करना चाहिए. इनसे सूर्य की हानिकारक किरणें आंखों को नुकसान नहीं पहुंचा पाती हैं.

सूर्य ग्रहण कब होता है?
सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है. इस समयावधि में, चंद्रमा सूर्य की रोशनी को पृथ्वी पर आने से रोकता है और चंद्रमा की पृथ्वी पर जो छाया पड़ती है उसे ही ‘सूर्य ग्रहण’ कहा जाता है.

सूर्य ग्रहण के प्रकार
सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं. ये पूर्ण सूर्य ग्रहण, आंशिक सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण है. इस बार पूर्ण सूर्य ग्रहण लग रहा है.

पूर्ण सूर्य ग्रहण उस समय होता है, जब चंद्रमा पृथ्वी के काफ़ी पास रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है और चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी को अपनी छाया क्षेत्र में ले लेता है. इससे सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाती है.

आंशिक सूर्यग्रहण में चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में इस तरह आता है कि सूर्य का कुछ ही भाग पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है. इसका मतलब है कि चंद्रमा सूर्य के कुछ भाग को ही अपनी छाया में ले पाता है और इसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहते हैं.

Sunday, 14 June 2020

sushant sing rajpoot suside

A very shocking news has come out from Bollywood.  Famous actor Sushant Singh Rajput has given his life by hanging himself in his house in Mumbai.  So far nothing has been known about his decision.  Sushant was a very popular actor of Bollywood.  He started his career as a TV actor.  He first worked in a serial called 'Kis Desh Mein Hai Mera Dil' but he got recognition from Ekta Kapoor's serial Pritha Rishta, after which he started the journey of films.  He was seen as a lead actor in the film Kay Po Chhe, and his performance was also praised.

 After this, he was seen in a pure desi romance with Vaani Kapoor and Parineeti Chopra.  However, he was most discussed by playing the role of MS Dhoni, former captain of the Indian team.  This was the first film in Sushant's career that collected a hundred crores.  Sushant had also appeared in films like Sonchiriya and Chichhore.  His last film was Kedarnath in which he appeared alongside Sara Ali Khan.

 Sushant was counted among the very best actors and his fans would have never thought that Bo would commit,
 It is true that today the world has no faith that when it will happen, but Sushant had won the hearts of everyone with his artistry, this film of Sushant, who played a role in a film like Mahendra Singh Dhoni's autobiography, was the biggest in the sports world.  Gave the film and it earned a lot of money as well,
  
 Life introduction
 Name - Sushant Singh Rajput
 Birth - 21 January 1986 Patna
 Death - 14 June 2020 Mumbai

 Award
 2010- Indian television academy awards (Pravitra rista)
 - Big star entertainment awards (Pravitra rista)
 - Boroplus gold award (Pravitra rista)
 2011- kalakar award (Pravitra rista)
 2014- producers guild (kai po che) awards
 2017-screen awards
 - zee cine awards
 - indian film festival of melbourne award
 2017 all awards win is M.S.  Dhoni: the untold story

Sunday, 7 June 2020

Emergency In Siberia!

Russian President Vladimir Putin has recently declared an emergency in Siberia.  He has taken this decision after flowing about 20 thousand tons of diesel from a power plant storage center.  The corona virus crisis is widespread in the world at this time, but with this, many kinds of difficulties are coming up.

 The incident occurred at a power plant located on the outskirts of the city of Norilsk, 2,900 kilometers from Moscow.  Blockers have been put in place to prevent the fuel from entering the Ambernaya River.  A lake emerges from the river, which later joins a river.  This river goes towards the environmentally sensitive Arctic Ocean.

 Loss of fish and other resources

 Russia's President Putin ordered the authorities to stop the damage from this drift to a minimum scale.  According to Alexei Nijinnikov, director of the World Wildlife Fund-Russia, fish and other resources will be damaged.  This would cause a minimum loss of $ 13-14 million.
No cause of accident is found yet

 This oil plant is operated by a division of Norilsk Nickel, whose factories in the region have made Norilsk one of the most heavily polluted places on earth.  However, no cause of the accident has been reported so far.

 Company owner responsible

 The President of Russia blamed the owner of that company for negligence in the large-scale fuel oil spill in the Arctic region and he is ensuring that whatever costs will be incurred in trying to stop this leak from going into rivers and seas.  Will be charged

 Not the first time

 This is not the first time that an emergency declaration has been made about oil in Russia.  In an accident in 2016, another plant had leaked oil in a nearby river, causing the river to turn red.  The company was fined less than $ 1,000 for the incident.

NEW POST

Cryptocurrency

  1.What is cryptocurrency? A cryptocurrency, crypto-currency, or crypto is a digital asset designed to work as a medium of exchange where...